सोनौली/महराजगंज (कुँवर विक्रम प्रताप सिंह)। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की नवागत आईजी मीनू चौधरी ने बुधवार को भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के सोनौली क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बॉर्डर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों को अवैध घुसपैठ व तस्करी रोकने के सख्त निर्देश दिए।
आईजी ने 22वीं वाहिनी एसएसबी की सोनौली बीओपी (बॉर्डर आउट पोस्ट) का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रमुख चेक प्वाइंटों पर चल रही सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और जांच प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली।
सुरक्षा एजेंसियों और नेपाल के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक
निरीक्षण के बाद आईजी मीनू चौधरी ने भारत-नेपाल सीमा पर तैनात विभिन्न सुरक्षा एवं जांच एजेंसियों के अधिकारियों के साथ एक संयुक्त बैठक की। इस महत्वपूर्ण बैठक में नेपाल के अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य फोकस सीमा पर अवैध घुसपैठ को रोकने, नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने और सीमा पार से होने वाले अन्य अपराधों की रोकथाम पर था। आईजी ने जोर देकर कहा कि सीमा सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए और खुफिया सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाए।
’84 किमी लंबी सीमा बेहद संवेदनशील’
सुरक्षा अधिकारियों को संबोधित करते हुए आईजी ने कहा कि भारत-नेपाल का लगभग 84 किलोमीटर लंबा सीमा क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रविरोधी तत्वों की किसी भी अवैध गतिविधि और घुसपैठ पर प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए। तस्करी तथा सीमा अपराधों पर लगातार और कड़ी नजर रखी जानी चाहिए। इस दिशा में सीमा की सुरक्षा में एसएसबी की भूमिका सबसे अहम है।”
इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) का किया निरीक्षण
सुरक्षा समीक्षा के बाद, आईजी मीनू चौधरी ने करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आइसीपी) का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने आइसीपी के निर्माण कार्य की प्रगति और वहां प्रस्तावित व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही संबंधित अधिकारियों को समय पर काम पूरा करने और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस पूरे दौरे और बैठक के दौरान एसएसबी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।