महराजगंज (प्रशांत त्रिपाठी)। जनपद में अग्निकांड की संभावित घटनाओं को रोकने और सार्वजनिक स्थलों पर आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महराजगंज पुलिस ने कड़ा रुख अपना लिया है। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में जिले के सभी थानों की पुलिस ने अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) मानकों की जांच के लिए एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस व्यापक अभियान के दौरान पुलिस ने 56 ऐसे प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया है, जहां आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।

377 स्थानों की हुई सघन चेकिंग
पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस विशेष अभियान के तहत जनपद भर में कुल 377 सार्वजनिक और व्यावसायिक स्थलों का निरीक्षण किया गया। पुलिस और संबंधित टीमों ने विद्यालयों, बैंकों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, लाइब्रेरी, कोचिंग संस्थानों, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य भारी भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाकर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से जांच की।

इस दौरान मुख्य रूप से अग्निशमन विभाग द्वारा जारी की गई फायर एनओसी (Fire NOC) की वैधता जांची गई। साथ ही, मौके पर मौजूद अग्निशमन उपकरणों (Fire Extinguishers) की उपलब्धता, उनकी वर्किंग कंडीशन, रखरखाव और आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित निकास (Emergency Exits) मार्गों की स्थिति का जायजा लिया गया।

67 जगहों पर मिलीं खामियां, 56 को थमाया गया नोटिस
सघन निरीक्षण के दौरान पुलिस टीम ने पाया कि 67 स्थानों पर अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। इन स्थानों पर उपकरणों की कमी या निकास मार्गों में बाधा जैसी अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 56 संबंधित प्रतिष्ठानों के प्रबंधकों और संचालकों को नोटिस जारी कर दिया है।

नोटिस के माध्यम से इन संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करें।
सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने की चेतावनी
पुलिस ने सभी प्रतिष्ठान संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने यहां अग्निशमन उपकरणों को हमेशा चालू हालत (Working condition) में रखें। आपातकालीन निकास मार्गों पर कोई भी सामान या बाधा नहीं होनी चाहिए, ताकि आग लगने की स्थिति में लोगों की सुरक्षित और त्वरित निकासी हो सके।

महराजगंज पुलिस का कहना है कि यह अभियान व्यावसायिक स्थलों पर लापरवाही से होने वाले हादसों को रोकने के उद्देश्य से चलाया गया है। जनपद में आमजन की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण और जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेंगे।