ठूठीबारी/महराजगंज (प्रशांत त्रिपाठी): जिले के ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र स्थित ग्राम सभा कड़जा में उस वक्त मातम छा गया, जब विदेश कमाने गए गांव के एक युवक की अचानक मौत की खबर घर पहुंची। 33 वर्षीय रामबेलास गुप्ता रोजी-रोटी के सिलसिले में खाड़ी देश कुवैत गए थे, जहां मंगलवार को अचानक उनकी सांसें थम गईं। सबसे दुखद पहलू यह है कि रामबेलास करीब डेढ़ साल बाद इसी शुक्रवार को अपने घर लौटने वाले थे, जिसके लिए उन्होंने टिकट भी बुक करा लिया था।
शुक्रवार की थी टिकट, मंगलवार को बिगड़ी तबीयत
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, रामबेलास गुप्ता करीब डेढ़ साल पहले रोजगार के लिए कुवैत गए थे। वह वहां एक ‘मजरा’ (कृषि/पशुपालन क्षेत्र) में काम करते थे। घर आने के लिए उनकी पूरी तैयारी हो चुकी थी और शुक्रवार को उनकी फ्लाइट थी। घरवाले उनके स्वागत की राह देख रहे थे, लेकिन इसी बीच 15 सितंबर (मंगलवार) की शाम करीब तीन बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनकी मृत्यु हो गई। मौत की मनहूस खबर जैसे ही कड़जा गांव पहुंची, परिवार की सारी खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं।
दो मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
रामबेलास के निधन से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके परिवार में पत्नी सुमन गुप्ता के अलावा 15 वर्षीय पुत्र किशन और 5 वर्षीय पुत्री आराध्या हैं। पिता के घर लौटने का इंतजार कर रहे इन मासूम बच्चों और पत्नी सुमन का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में इस हृदयविदारक घटना को लेकर शोक की लहर है।
शव को भारत लाने की कवायद तेज
परिवार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती रामबेलास के पार्थिव शरीर को कुवैत से वापस भारत लाने की है। परिजन शव को जल्द से जल्द गांव लाने के लिए संबंधित लोगों, दूतावास और स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। परिवार वालों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन की मदद से शव जल्द भारत आ सकेगा, ताकि वे अपने स्वजन का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कर सकें।