होर्मुज में मिसाइल हमले से बचे नाविक पहुंचे कोर्ट, थाई शिपिंग कंपनी पर ठोका करोड़ों का मुकद्दमा
International Desk: होर्मुज जलडमरूमध्य में मार्च 2026 में मिसाइल हमले का शिकार हुए थाई मालवाहक जहाज ‘मायुरी नारी’ के तीन पूर्व नाविकों ने जहाज संचालित करने वाली प्रेशियस शिपिंग कंपनी के खिलाफ अदालत में मुकदमा दायर किया है। नाविकों का आरोप है कि कंपनी ने सुरक्षा जोखिमों के बावजूद जहाज को खतरनाक समुद्री मार्ग से गुजारा, जिससे उनकी जान खतरे में पड़ी। 11 मार्च को ओमान के उत्तर में जहाज पर हुए मिसाइल हमले में चालक दल के तीन सदस्यों की मौत हो गई थी, जबकि 20 अन्य को करीब एक सप्ताह बाद सुरक्षित थाईलैंड वापस लाया गया था।
मुकदमा दायर करने वाले तीनों नाविकों पनिथि तुमकाओ, नोप्पादोन वोंगसुवान और सुरादेस मानफुएन का कहना है कि हमले के बाद जहाज परिचालन योग्य नहीं रहा और नौ महीने का अनुबंध पूरा होने से पहले ही उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। कंपनी ने केवल दो महीने के वेतन के बराबर मुआवजा दिया, जिसे उन्होंने अपर्याप्त बताया।नाविकों के वकील कुनपत सिंहाथोंग के अनुसार, तीनों को बाद में पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) का पता चला, जिसके कारण वे फिलहाल दोबारा समुद्री नौकरी करने की स्थिति में नहीं हैं। प्रत्येक नाविक ने 10 लाख थाई बाह्त (करीब 30 हजार अमेरिकी डॉलर) से अधिक मुआवजे की मांग की है।
एक नाविक पनिथि ने बताया कि तेज आवाज सुनते ही वह घबरा जाते हैं और अभी भी इलाज व दवाइयों पर निर्भर हैं। दूसरी ओर, प्रेशियस शिपिंग ने मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि कंपनी ने हाल ही में हमले में मारे गए तीन नाविकों के पार्थिव शरीर थाईलैंड लाए जाने पर उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया था। इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात प्रभावित हो रहा है। यह मार्ग दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल और एलएनजी के परिवहन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने भी नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।


