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Saturday Puja Rules: शनिवार के दिन क्या करें और क्या नहीं? जानें पूजा के जरूरी नियम

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शनिवार पूजा के नियम

हिंदू धर्म में सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित होता है. इसी कड़ी में शनिवार का दिन न्याय के देवता और कर्मफल दाता शनिदेव की आराधना के लिए विशेष माना गया है. ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को क्रूर नहीं, बल्कि न्यायप्रिय ग्रह माना गया है, जो व्यक्ति को उसके अच्छे-बुरे कर्मों के अनुसार फल देते हैं. यदि कुंडली में शनि की स्थिति अनुकूल न हो, तो व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. शनिवार के दिन कुछ विशेष काम करने से जहां शनिदेव खुश होते हैं, वहीं कुछ गलतियों के कारण उनकी नाराजगी भी झेलनी पड़ सकती है. आइए जानते हैं शनिवार के दिन क्या करना चाहिए और किन कामों से पूरी तरह बचना चाहिए.

शनिवार के दिन क्या करें?

  • शनिवार की सुबह स्नान के बाद साफ और सादे वस्त्र पहनकर भगवान शनिदेव का स्मरण करें. यदि संभव हो तो पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. शनिदेव को काले तिल, सरसों का तेल, नीले या काले फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है.
  • इस दिन हनुमान मंदिर जाकर हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करना भी शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि भगवान हनुमान की कृपा से शनिदेव के कष्टों में भी राहत मिलती है.
  • जरूरतमंद लोगों को काला तिल, उड़द की दाल, कंबल, जूते-चप्पल, लोहे के बर्तन या अन्न का दान करना भी शुभ माना गया है.

शनिवार को किन कामों से बचना चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिवार के दिन किसी का अपमान करना, झूठ बोलना, धोखा देना या बिना कारण विवाद करना अशुभ माना जाता है. इस दिन किसी कमजोर, गरीब या बुजुर्ग व्यक्ति को परेशान करने से भी बचना चाहिए. इसके अलावा गुस्सा, अहंकार और गलत व्यवहार से दूर रहना चाहिए. माना जाता है कि ऐसे कर्म शनिदेव को नाराज कर सकते हैं.

क्या शनिवार को तेल चढ़ाना चाहिए?

शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित करने की परंपरा काफी पुरानी है. मान्यता है कि शनिवार के दिन शनि मंदिर में सरसों का तेल चढ़ाने और दीपक जलाने से शनि दोष का प्रभाव कम हो सकता है. हालांकि यह पूजा श्रद्धा और विधि-विधान के साथ करनी चाहिए.

पीपल की पूजा का महत्व

शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करना भी शुभ माना जाता है. शाम के समय पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाकर परिक्रमा करने की परंपरा है. कई धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और जीवन की बाधाएं कम होती हैं.

शनिदेव की कृपा पाने के सरल उपाय

शनिवार के दिन ओम शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है. इसके अलावा कौओं, काले कुत्ते या जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना भी पुण्यदायी माना जाता है. यह दिन सेवा, दान और अच्छे कर्मों का है. इसलिए दूसरों की मदद करने और विनम्र व्यवहार रखने का विशेष महत्व बताया गया है.

शनिवार का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिदेव को कर्मों का फल देने वाला देवता माना जाता है. व्यक्ति के अच्छे और बुरे कर्मों के अनुसार ही शनिदेव फल प्रदान करते हैं. इसलिए शनिवार का दिन आत्मचिंतन, सेवा, दान और पूजा के लिए विशेष माना गया है. इस दिन सच्चे मन से की गई आराधना जीवन की बाधाओं को दूर करने में सहायक मानी जाती है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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