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पुरी में 16 जुलाई से शुरू होगी विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा, सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF और सुरक्षा एजेंसियों की मॉक ड्रिल

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पुरी में 16 जुलाई से शुरू होगी विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा, सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF और सुरक्षा एजेंसियों की मॉक ड्रिल

पुरी में 16 जुलाई से शुरू होगी विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा, सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF और सुरक्षा एजेंसियों की मॉक ड्रिल

पुरी में 16 जुलाई से शुरू होने वाली भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF ने संयुक्त मॉक ड्रिल की।

पुरी: उड़ीसा के पुरी में 16 जुलाई से शुरू होने वाली विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर आस्था और उत्साह के बीच प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस ऐतिहासिक उत्सव में शामिल होने के लिए देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। सुरक्षा के साथ-साथ किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए भी तैयारियां पूरी तरह से चाक-चौबंद की जा रही हैं।

रथ यात्रा के भव्य आयोजन के दौरान आपातकालीन परिस्थितियों और भीड़ नियंत्रण को लेकर मुस्तैदी परखने के उद्देश्य से एक बहु-एजेंसी संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस विशेष अभ्यास में राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (NDRF), ओडिशा अग्निशमन सेवा, स्काउट एंड गाइड और अन्य संबंधित सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। मॉक ड्रिल के माध्यम से किसी भी प्रकार की आपात स्थिति, भगदड़ या अन्य आकस्मिक घटनाओं से निपटने की योजनाओं का बारीकी से परीक्षण किया गया।

सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय पर विशेष ध्यान

अधिकारियों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस संयुक्त मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सुरक्षा और बचाव एजेंसियों के बीच जमीनी स्तर पर बेहतर समन्वय (Coordination) स्थापित करना है। आपातकालीन स्थिति में राहत और बचाव कार्यों को कितनी तेजी और कुशलता के साथ अंजाम दिया जा सकता है, इसका लाइव टेस्ट इस अभ्यास के दौरान किया गया। इसके साथ ही अत्यधिक भीड़ के बीच श्रद्धालुओं की त्वरित सुरक्षा और मेडिकल इमरजेंसी जैसी स्थितियों से निपटने के लिए भी टीमों को रिहर्सल कराई गई।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लाखों लोगों की आस्था के इस महापर्व को पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू ढंग से संपन्न कराने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। सभी संवेदनशील पॉइंट्स पर सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है और सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए भी शहर पर नज़र रखी जा रही है। रथ यात्रा के मार्ग और मुख्य मंदिर परिसर के आसपास सुरक्षा घेरे को और मजबूत किया जा रहा है ताकि श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के रथों के दर्शन कर सकें।

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