UGC NET | NET Exam Tips in Hindi: यूजीसी नेट एग्जाम से पहले उम्मीदवार आमतौर पर ज्यादा से ज्यादा टॉपिक्स कवर करने पर ध्यान देते हैं। इससे नेट पेपर-1 और पेपर-2 के बीच बैलेंस बिगड़ने के चांस बहुत अधिक बढ़ जाते हैं। लेकिन एग्जाम से ठीक पहले आखिरी दिनों में इन्हें साथ लेकर चलना काफी अहम होता है। नेट पेपर-1 और पेपर-2 प्रिपरेशन को बैलेंस कैसे करें? आखिरी हफ्ते में PYQs और मॉक टेस्ट सॉल्व करने का सही तरीका क्या है? नेट एक्सपर्ट्स से जानें।
UGC NET Exam Date 2026: 22 जून से शुरू होंगे नेट एग्जाम
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी यूजीसी नेट सब्जेक्ट-वाइज परीक्षा शेड्यूल के अनुसार, नेट एग्जाम 22 जून से शुरू होंगे और 30 जून 2026 तक चलेंगे। सभी 80 विषयों की परीक्षा कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में पांच दिनों में दो-दो शिफ्ट में होगी। परीक्षा हर दिन दो शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। पहली शिफ्ट सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक।
10 अलग-अलग विषयों में यूजीसी नेट क्वालीफाई कर चुके डॉ. अमित कुमार निरंजन ने एक न्यूज़ वेबसाइट को नेट एग्जाम प्रिपरेशन की कुछ ट्रिक्स शेयर की हैं। ये ट्रिक्स नेट एग्जाम पास करने में काम आ सकती हैं।
यूजीसी नेट पेपर-1 और 2 का बैलेंस
डॉ. अमित कहते हैं कि आमतौर पर यूजीसी नेट पेपर-2 उम्मीदवार का मुख्य विषय होता है, इसलिए लगभग हर बच्चे की अपने विषय पर 50% से 60% कमांड पहले होती है। ऐसे में इन दोनों पेपर्स के बीच सही संतुलन बनाए रखना उससे भी जरूरी है।
- नेट पेपर-1: अच्छे नंबर लाने के लिए सबसे ज्यादा प्रैक्टिस की जरूरत होती है। इसमें मैथमेटिकल क्वेश्चनंस, रीजनिंग और अनसीन पैसेज को बहुत सावधानी से हल करना चाहिए, क्योंकि ये अकेले आपके 20 नंबर (10 सवाल) पूरी तरह सुरक्षित कर देते हैं। पेपर-1 की बेहतरीन रणनीति यही है कि आप ज्यादा से ज्यादा मॉक टेस्ट दें और पिछले क्वेश्चन पेपर्स को हल करें।
- नेट पेपर-2: आपको किसी नई किताब के बजाय अपने ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन के बेसिक कॉन्सेप्ट को ही बार-बार रिवाइज करना चाहिए। बार-बार रिवाइज करना ही सबसे बेहतर स्ट्रेटेजी होती है।
“यूजीसी नेट परीक्षा पास करने के लिए पेपर-1 और पेपर-2 दोनों ही बहुत महत्वपूर्ण हैं। लेकिन पेपर-1 असली ‘डिसाइडिंग फैक्टर’ साबित होता है। क्योंकि इसे स्ट्रैटेजिकली बनाया जाता है कि इसमें 30 से 40 सवालों के बीच सही करना एक बड़ी चुनौती बन जाता है।”
डॉ. अमित कुमार निरंजन
यूजीसी नेट PQYs और मॉक टेस्ट हल करने की मास्टर ट्रिक 2:1
नेट की तैयारी के लिए पिछले वर्षों के क्वेश्चन पेपर (PYQs) और मॉक टेस्ट को हल करना बहुत अच्छा ऑप्शन है। लेकिन डॉ. अमित इसके लिए भी एक खास ट्रिक अप्लाई करने की सलाह देते हैं, वो है 2:1 ट्रिक। उनका कहना है कि उम्मीदवारों को 2 मॉक टेस्ट पेपर ऑनलाइन मोड में सॉल्व करने चाहिए और 1 मॉक टेस्ट पेपर ऑफलाइन मोड में करना चाहिए। यही नियम पिछले वर्षों के पेपर्स सॉल्व करने में लागू होता है। यानी दो PYQs ऑनलाइन और एक ऑफलाइन।
ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रैक्टिल के फायदे
2:1 ट्रिक के साथ ऑनलाइन और ऑफलाइन नेट की तैयारी करते हैं तो इसके कई फायदे हो सकते हैं जैसे-
- ऑनलाइन प्रिपरेशन से स्पीड और एक्यूरेसी दोनों निखरती हैं।
- ऑनलाइन से कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे।
- ऑफलाइन से सवालों को गहराई से सोचने और उनका सही एनालिसिस करने में पर्याप्त मौका मिलेगा।
- आखिरी समय में ऑनलाइन और ऑफलाइन का कॉम्बिनेशन आपकी जीत तय कर सकता है।
UGC NET City Slip OUT: चेक करें एग्जाम सिटी
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने यूजीसी नेट जून 2026 की एग्जाम सिटी इंटिमेशन स्लिप जारी कर दी है। जिन उम्मीदवारों ने नेट का फॉर्म भरा था, वे एनटीए यूजीसी नेट की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet. nta. nic. in पर जाकर एग्जाम सिटी स्लिप चेक कर सकते हैं। ध्यान रहे यह एडमिट कार्ड नहीं है, इसमें सिर्फ उस शहर की जानकारी दी गई है, जहां आपका एग्जाम सेंटर अलॉट किया जाएगा। यूजीसी नेट एडमिट कार्ड परीक्षा की तारीख से उचित समय पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे।
नेट एस्पिरेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे ताजा अपडेट, निर्देशों और नोटिस के लिए रेगुलर तौर पर ऑफिशियल UGC-NET पोर्टल ugcnet. nta. nic. in को चेक करते रहें। किसी भी सवाल के लिए, NTA से 011-40759000 पर या ugcnet@nta.ac.in पर ईमेल के जरिए संपर्क किया जा सकता है।

