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CBSE 12वीं की कॉपियों का री-इवैल्यूएशन मैनुअल कराए जाने की मांग, OSM पर जारी बवाल के बीच टीचर एसोसिएशन का सुझाव

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं की कॉपियों के री-इवैल्यूएशन के आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके तहत आवेदन करने की अंतिम तारीख 6 जून है. हालांकि 12वीं की कॉपियों के री-इवैल्यूएशन का रिजल्ट कब जारी होगा? इसको लेकर सीबीएसई ने अभी कोई जानकारी नहीं दी है. कुल जमा 12वीं की काॅपियों की हुई ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM), उस वजह से स्टूडेंट्स के रिजल्ट में हुई गिरावट और उसको लेकर हुए बवाल के बाद री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. OSM को लेकर जारी इस बवाल को देखते हुए 12वीं की कॉपियों का री-इवैल्यूएशन मैनुअल कराए जाने की मांग होने लगी है. इस संबंध में राजकीय विद्यालय शिक्षक संघ (GSTA) ने सीबीएसई को सुझाव दिया है.

आइए, विस्तार से पूरा मामला समझते हैं. जानते हैं कि सीबीएसई 12वीं की कॉपियों के री-इवैल्यूएशन को मैनुअल कराए जाने की मांग को लेकर GSTA ने क्या कहा है? OSM पर जारी बवाल के बारे में जानेंगे.

OSM से स्टूडेंट्स व पैरेंट्स खुश नहीं

GSTA के महासचिव अजय वीर यादव ने कहा कि सीबीएसई 12वीं की कॉपियों के री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में आ रही तकनीकी समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स की शंकाओं का समाधान नहीं हो पा रहा है. यह भी प्रतीत हो रहा है कि री-इवैल्यूएशन में OSM को लागू किए जाने से स्टूडेंट्स व पैरेंट्स पूर्णतः संतुष्ट नहीं होंगे. यादव ने कहा कि इस बात को ध्यान में रखते हुए GSTA सुझाव देता है कि आवश्यकता पड़ने पर 12वीं कॉपियों का री-इवैल्यूएशन मैनुअल कराया जाए.

रिजल्ट को लेकर असंताेष नहीं होना चाहिए

GSTA के महासचिव अजय वीर यादव ने कहा कि एक नंबर भी किसी स्टूडेंट के उच्च शिक्षा, प्रवेश एवं भविष्य को प्रभावित कर सकता है. इसलिए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी स्टूडेंट को अपने जीवन की महत्वपूर्ण 12वीं कक्षा के रिजल्ट के प्रति असंतोष ना हो. इसके लिए जो भी जरूरी हो, उसे किया जाए.

मैनअुल री-इवैल्यूएशन के लिए टीचर तैयार

GSTA के महासचिव अजय वीर यादव ने कहा है कि 12वीं की कॉपियों का री-इवैल्यूएशन मैनुअल करने के लिए शिक्षक तैयार हैं. उन्होंने कहा कि GSTA ये भी मानता है कि OSM सिस्टम के संबंध में समय रहते दिए गए सुझावों की अनदेखी के परिणाम आज सामने हैं. समस्या शासन की मंशा में नहीं, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर हितधारकों के सुझावों को गंभीरता से न लेने में है.

OSM की जांच के लिए कमेटी गठित

सीबीएसई ने इस साल 12वीं की कॉपियों की चेकिंग OSM से की थी, लेकिन सीबीएसई का ये प्रयोग सफल नहीं हुआ. असल में सीबीएसई ने स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए प्रोसेस शुरू किया तो कई स्टूडेंट्स ने कॉपी धुंधली स्कैन होने, ठीक से नंबर ना देने, कॉपी बदलने, कॉपी गुम हो जाने जैसी शिकायत की थी. कुल जमा OSM पर सवाल खड़े हुए थे, जिसके बाद देशभर में इसको लेकर बवाल शुरू हो गया. इस मामल में सरकार ने OSM टेंडर की जांच के लिए एक सदस्यीय कमेटी का गठन किया है.

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