सोनौली बॉर्डर: सीमा शुल्क अधिकारियों ने की परिसर की सफाई, लोगों को दिया स्वच्छता का संदेश

सोनौली/महराजगंज (कुँवर विक्रम प्रताप सिंह)। भारत-नेपाल के महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र सोनौली में स्थित स्थल सीमा शुल्क कार्यालय की ओर से “स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026” का आगाज किया गया है। यह विशेष स्वच्छता अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) तक चलाया जाएगा। अभियान के शुरुआती चरण में सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वयं आगे आकर सफाई अभियान में हिस्सा लिया।

अधिकारियों ने की साफ-सफाई, दिया जागरूकता का संदेश

अधीक्षक नीरज रॉय के नेतृत्व में कस्टम विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई की तथा कचरा हटाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखना और आम जनता को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है।

अभियान के दौरान सीमा क्षेत्र में मौजूद लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने और कूड़ा निर्धारित स्थान (डस्टबिन) पर ही डालने के लिए प्रेरित किया गया। इस मौके पर अधीक्षक नीरज रॉय के साथ संजय मिश्रा, अधीक्षक गौरव पांडेय और विवेक सिंह सहित विभाग के तमाम लोग उपस्थित रहे और श्रमदान किया।

निरंतरता पर उठ रहे सवाल: क्या जमीन पर दिखेगा स्थायी असर?

सोनौली एक अति-व्यस्त अंतरराष्ट्रीय सीमा है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों की आवाजाही होती है। ऐसे में भारी भीड़ और सार्वजनिक गतिविधियों के बीच साफ-सफाई और व्यवस्थित वातावरण सीधे जनता से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा है।

इस अभियान के शुरू होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या सोनौली जैसे व्यस्त क्षेत्र में सफाई की यह कवायद सिर्फ एक दिन की है? क्या स्वच्छता का यह संदेश अभियान के खत्म होने के बाद भी जमीन पर लगातार दिखाई देगा?

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलने वाला यह अभियान सिर्फ कार्यक्रमों और तस्वीरों तक ही सीमित रहता है, या फिर सोनौली बॉर्डर की रोजमर्रा की व्यवस्था में भी इसका कोई सकारात्मक व स्थायी असर देखने को मिलता है।

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