नई दिल्ली: राहुल गांधी के आर्थिक सुनामी वाले बयान पर भाजपा ने तीखा हमला बोला है। भाजपा ने राहुल गांधी से कहा है कि वह आम जनता के बीच दहशत फैलाना बंद करें। भाजपा के आईटी सेल के मुखिया, अमित मालवीय ने तर्क दिया कि ईरान युद्ध से उपजे हालात का मुकाबला करने के लिए भारत पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने आर्थिक और रणनीतिक संकेतों का हवाला देते हुए कहाकि भारत अपनी हिफाजत करने में सक्षम है। मालवीय ने राहुल से आग्रह किया कि वह भय न बेचें। साथ ही यह दावा किया कि भारत की आर्थिक सुरक्षा प्रणालियां यूपीए काल के दौरान कमजोर हो गई थीं। गौरतलब है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को दावा किया था कि मोदी एक साल के भीतर प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे क्योंकि चीजों को नियंत्रित करने का उनका जो सिस्टम था, वह ध्वस्त हो रहा है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि मोदी सरकार जनता के दबाव को कुचलने के लिए आपातकाल जैसा कदम उठा सकती है।
आर्थिक संकेतों का हवाला
अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट में राहुल गांधी के दावे को धता बताते हुए कई आर्थिक संकेतों का हवाला दिया है। उन्होंने कहाकि मई 2026 में ई-वे बिल जेनरेट करने में 12.9 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसके अलावा मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विसेज एक्टिविटी भी मजबूत रही है। दोनों की पीएमआई 56.6 और 58.9 फीसदी रही है। वहीं, रिटेल इन्फ्लेशन अप्रैल में 3.48 फीसदी रहा है जो आरबीआई के टारगे से नीचे है। इसके अलावा विदेशी निवेश ने वित्तवर्ष 2026 में 94.5 बिलियन की ऊंचाई को छुआ है। मालवीय ने भारत के बाहरी सेक्टर की मजबूती की तरफ इशारा करते हुए कहाकि वैश्विक उठापटक के बीच फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व में भी स्थिरता रही है। उन्होंने कहाकि ये अर्थव्यवस्था में झटका से बचाव के साधन न होने के संकेत नहीं हैं। ये लचीलेपन के संकेत हैं। सरकार ने नागरिकों, व्यवसायों और नौकरियों की सुरक्षा के लिए भी सीधे उपाय किए हैं।
सरकार के उपायों की दी जानकारी
भाजपा नेता ने उपभोक्ताओं और व्यवसायों को वैश्विक आर्थिक झटकों से बचाने के लिए केंद्र द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहाकि जब दुनिया में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं तो पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती ने उपभोक्ताओं को राहत दी। घरेलू उपलब्धता की रक्षा और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यकतानुसार आपूर्ति में हस्तक्षेप और निर्यात प्रतिबंधों का उपयोग किया गया। उन्होंने आगे लिखा कि ईसीएलजीएस 5.0 के जरिए, एमएसएमई को 100 फीसदी गारंटी कवरेज मिलती है जबकि नॉन-एमएसएमई और एयरलाइंस को 90% कवरेज मिलती है। मालवीय के मुताबिक ईंधन की कीमतों में उठापटक का सामना कर रहीं एयरलाइंस प्रति कर्जदार 1500 करोड़ रुपए की मदद पा सकती हैं। उन्होंने लिखा कि लक्ष्य साफ है। नौकरियों को सुरक्षित रखना है। सप्लाई चेन को बरकरार रखना है। बिना किसी बाधा के निर्माण बनाए रखना है।
सरकार कर रही मजबूत करने का काम
मालवीय ने आगे कहाकि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सतही कोयला और लिग्नाइट गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट के लिए 37,500 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। यह 75 मिलियन टन गैसिफिकेशन क्षमता बनाने और 2.5-3 लाख करोड़ रुपए के निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से हैं। उन्होंने कहाकि यह किसी सरकार द्वारा शॉक अब्जॉर्बर्स को खत्म करने का काम नहीं है। यह एक सरकार द्वारा उन्हें सक्रिय रूप से मजबूत करने का काम है। यूपीए सरकार पर हमला बोलते हुए, मालवीय ने 2009 से 2014 तक के आर्थिक संकेतकों का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि इस अवधि के दौरान रुपया 36 फीसदी गिर गया, जबकि विदेशी मुद्रा भंडार जुलाई 2011 में लगभग 294 बिलियन डॉलर से घटकर अगस्त 2013 में लगभग 256 बिलियन डॉलर हो गया था।
पूनावाला बोले-आपातकाल कांग्रेस के अंदर
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहाकि राहुल गांधी की टिप्पणियां कांग्रेस पार्टी के इतिहास और उसकी मानसिकता को दर्शाती हैं। पूनावाला ने एक वीडियो बयान में कहाकि राहुल गांधी ऐसे परिवार से आते हैं, जिसका इतिहास आपातकाल से जुड़ा रहा है। इसलिए उन्हें लगता है कि हर कोई आपातकाल लगाने वाला है। भारत में संविधान को केवल एक बार कुचला गया था और वह इंदिरा गांधी ने किया था। उन्होंने जिस तरह संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया और उनमें हस्तक्षेप किया, वह सर्वविदित है।
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि वास्तविक आपातकाल कांग्रेस पार्टी के भीतर है। पूनावाला ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पहले भी अर्थव्यवस्था, कोविड टीकों और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भ्रामक बयान देते रहे हैं। उन्होंने कहाकि आप बार-बार कहते रहे हैं कि अर्थव्यवस्था ढह चुकी है, जबकि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। आपने भारत में बने कोविड टीकों के खिलाफ दुष्प्रचार किया ताकि विदेशी टीके बिक सकें।

