नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ‘रोजगार मेला’ अभियान के तहत नवनियुक्त युवाओं को 51,000 से अधिक नियुक्ति पत्र (Appointment Letters) वितरित किए। इस अवसर पर युवाओं को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे एक बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर देश की सेवा में कदम रख रहे हैं और भारत की विकास यात्रा में एक जिम्मेदार भागीदार की भूमिका निभाएंगे। नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आज 51,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र मिले हैं। आज से आप सभी देश की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण और जिम्मेदार भागीदार बनने जा रहे हैं।”
इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मिली नौकरियां
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ये नई नियुक्तियां देश के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में की गई हैं, जो देश को आगे ले जाने में मददगार साबित होंगी। उन्होंने कहा, “आप सभी रेलवे, बैंकिंग, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और कई अन्य क्षेत्रों में नई जिम्मेदारियां संभालने जा रहे हैं। आने वाले वर्षों में ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने में आप सभी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”
India’s youth are playing a vital role in accelerating the journey towards a Viksit Bharat. Rozgar Mela reflects our Government’s commitment to empowering the Yuva Shakti with new opportunities.
https://t.co/u3CQqgrluM— Narendra Modi (@narendramodi) May 23, 2026
रोजगार और युवा सशक्तिकरण पर ध्यान
यह रोजगार मेला अभियान सरकार के रोजगार सृजन और युवा सशक्तिकरण के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। इसके जरिए विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और राज्य प्रशासनों में नई प्रतिभाओं को शामिल किया जा रहा है, ताकि सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी को और बेहतर बनाया जा सके।
कौन हो सकता है शामिल?
रोजगार मेले का मुख्य लक्ष्य 18 से 35 वर्ष के युवा हैं। इसमें आठवीं, दसवीं, बारहवीं पास से लेकर आईटीआई (ITI), डिप्लोमा और स्नातक (Graduate) डिग्री धारकों तक, विभिन्न शैक्षणिक योग्यताओं वाले युवाओं को शामिल किया जाता है। इसके अलावा, राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (NSQF) मानकों को पूरा करने वाले प्रमाणित उम्मीदवारों को भी इसमें अवसर मिलते हैं। युवाओं को इस रोजगार मेले के बारे में जागरूक करने और उन्हें जोड़ने के लिए प्रिंट विज्ञापनों, बल्क एसएमएस (SMS), सोशल मीडिया और कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में कार्यशालाओं (Workshops) जैसे विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जाता है।

