ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर भारतीय सेना ने शौर्य गाथा का वीडियो जारी किया है। पीएम मोदी की कड़ी चेतावनी और पहलगाम हमले का हिसाब कैसे लिया गया, देखें रिपोर्ट।
नई दिल्ली: भारत आज ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ मना रहा है। यह वही ऐतिहासिक और निर्णायक सैन्य कार्रवाई थी, जिसके जरिए भारतीय सेना ने पिछले साल पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (पीओके) में घुसकर आतंकवादियों के ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था। इस खास मौके पर भारतीय सेना ने राष्ट्र के नाम एक गौरवशाली संदेश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
India’s resolute response calibrated and precise.
Committed to safeguarding sovereignty and its people.#JusticeServedJai Hind. pic.twitter.com/fegLXxMJjm
— ADG PI – INDIAN ARMY (@adgpi) May 7, 2026
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ के मौके पर भारतीय सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सेना ने अपनी पोस्ट में लिखा, “भारत की प्रतिक्रिया दृढ़, नपी-तुली और सटीक थी। हम अपनी संप्रभुता और अपने लोगों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। न्याय मिल गया है। जय हिंद।”
वीडियो में दिखी सेना की ताकत और पीएम की हुंकार
सेना द्वारा जारी किए गए इस विशेष वीडियो में पहलगाम हमले के बाद से लेकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के सफल होने तक के पूरे घटनाक्रम को दिखाया गया है। वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वह कड़ी चेतावनी भी शामिल है, जिसने पिछले साल आतंकवादियों और उनके पनाहगारों की नींद उड़ा दी थी। पहलगाम नरसंहार के बाद राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा था, “भारत हर आतंकवादी और उसके मददगारों की पहचान करेगा, उनका पता लगाएगा और उन्हें दंडित करेगा।”
वीडियो में पीएम मोदी के उस ऐतिहासिक संदेश को भी प्रमुखता से दिखाया गया है जिसमें उन्होंने पाकिस्तान को कड़ा रुख दिखाते हुए कहा था, “आतंक और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते। आतंक और व्यापार साथ-साथ नहीं हो सकते। पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।” प्रधानमंत्री के इन शब्दों ने उसी वक्त स्पष्ट कर दिया था कि भारत अब चुप बैठने वाला नहीं है।
पहलगाम का वो जख्म, जिसका हिसाब सेना ने चुकता किया
यह पूरा अभियान 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए उस कायरतापूर्ण हमले का जवाब था, जिसमें 26 बेकसूर लोगों की जान गई थी। पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’आतंकी संगठन (TRF) के आतंकियों ने मजहब पूछ-पूछकर पर्यटकों को निशाना बनाया था। मानवता को शर्मसार करने वाली उस घटना में पर्यटकों को जबरन ‘कलमा’ पढ़ने पर मजबूर किया गया था। जान गंवाने वालों में 25 पर्यटक और एक वो स्थानीय टट्टू-चालक शामिल था, जिसने अपनी जान पर खेलकर सैलानियों को बचाने की कोशिश की थी।
राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक बना ‘ऑपरेशन सिंदूर’
इस नरसंहार के ठीक बाद भारतीय सेना ने 6 और 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। यह मिशन भारत की सैन्य और रणनीतिक क्षमताओं का एक बड़ा प्रदर्शन था, जिसमें सीमा पार छिपे कई खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया गया। भारतीय रक्षा स्टाफ के मुख्यालय ने भी इस मौके पर पोस्ट करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को ‘राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक’ बताया है।
आज पूरा देश उन वीर जवानों को नमन कर रहा है जिन्होंने पाकिस्तान के भीतर घुसकर उन दरिंदों का खात्मा किया, जिन्होंने देश की बहनों का सिंदूर उजाड़ने की जुर्रत की थी। सेना के इस वीडियो ने एक बार फिर देशवासियों में जोश भर दिया है।

