Maharajganj News: महराजगंज में सीएम योगी का बड़ा संदेश, 208 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात के साथ बोले- ‘नेशन फर्स्ट की भावना से देश के साथ खड़े रहें’

महराजगंज (आनन्द श्रीवास्तव): उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को महराजगंज पहुंचे, जहां उन्होंने नौतनवा विधायक ऋषि त्रिपाठी के नवनिर्मित आवास पर आयोजित सुंदरकांड पाठ में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर तीन बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया और उन्हें खिलौने व चॉकलेट भेंट किए।

 

 

 

इसके बाद मुख्यमंत्री ने नौतनवा और फरेंदा विधानसभा क्षेत्रों के लिए 208 करोड़ रुपये से अधिक की 79 से ज्यादा विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध, डीजल-पेट्रोल संकट, बिजली बचत, कानून व्यवस्था, किसानों, विकास और भारत-नेपाल संबंधों समेत कई मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी।

 

 

 

208 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के तहत फरेंदा विधानसभा क्षेत्र में 1955.98 लाख रुपये की 17 परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। इसके अलावा 171.52 करोड़ रुपये की 42 परियोजनाओं का शिलान्यास और 36.88 करोड़ रुपये की 37 परियोजनाओं का लोकार्पण भी प्रस्तावित रहा।

वहीं नौतनवा विधानसभा क्षेत्र में 14931.05 लाख रुपये की लागत से 26 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और सरकार हर क्षेत्र तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने मंच से किसानों को कृषि यंत्र भी वितरित किए। इसके अलावा कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत लाभार्थियों को 5 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान 30 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी वितरित की गई।

‘दुनिया डीजल-पेट्रोल संकट से जूझ रही’

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ा है। कई बड़े देश डीजल-पेट्रोल संकट जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में देश के हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह सरकार और देश के साथ मजबूती से खड़ा रहे।

मुख्यमंत्री ने ईंधन, खाद और सर्राफा कारोबारियों से संयम और सहयोग की भावना से काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह नुकसान सिर्फ सरकार का नहीं बल्कि पूरे देश का है। देश का मतलब देश की जनता है, इसलिए हर नागरिक को जिम्मेदारी निभानी होगी।

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार ईंधन आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए प्रयास कर रहे हैं। दुनिया के कई देशों में डीजल, पेट्रोल और एलपीजी के दाम कई गुना बढ़ चुके हैं, लेकिन भारत ने अब तक कीमतों को काफी हद तक नियंत्रित रखा है।

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों को नकारात्मक राजनीति और भ्रामक बातों में आने की जरूरत नहीं है। अगर देशहित में कोई फैसला लिया जाता है तो सभी को प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ खड़ा होना चाहिए, क्योंकि देश से बढ़कर कुछ नहीं होता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर भारतीय, हर महराजगंजवासी और हर उत्तर प्रदेशवासी को यह कहना चाहिए कि वह प्रधानमंत्री मोदी के साथ है, क्योंकि उन्होंने उत्तर प्रदेश को नई पहचान दिलाई है।

बिजली बचाने और स्वदेशी अपनाने की अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से बिजली बचाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि जितनी जरूरत हो उतनी ही बिजली का इस्तेमाल करें। अगर कमरे में कोई नहीं है तो पंखा, एसी, कूलर और बल्ब बंद कर दें। दिन में बेवजह बाहर की लाइटें न जलाएं।

उन्होंने कहा कि अगर गांव के बच्चे स्कूल बस से जा सकते हैं तो हर किसी को अलग-अलग बाइक और कार से जाने की जरूरत नहीं है। छोटी-छोटी बचत और प्रयास मिलकर बड़ा बदलाव लाते हैं।

मुख्यमंत्री ने स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देने की बात कहते हुए कहा कि “नेशन फर्स्ट” यानी “देश सबसे पहले” की भावना के साथ सभी को काम करना होगा। उन्होंने कहा कि जैसे भारत ने कोरोना महामारी का मुकाबला दुनिया में सबसे बेहतर तरीके से किया था, उसी तरह पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न चुनौतियों का भी मिलकर सामना किया जाएगा।

‘2017 से पहले क्षेत्र में अराजकता थी’

सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले क्षेत्र में अराजकता का माहौल था। इंसेफेलाइटिस से लोग परेशान रहते थे, किसान समस्याओं से जूझते थे और रोजगार के अभाव में नौजवानों को पलायन करना पड़ता था।

उन्होंने कहा कि अब हालात तेजी से बदल रहे हैं और विकास कार्य लगातार आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और अब कोई माफिया गरीबों की जमीन पर कब्जा नहीं कर सकता।

उन्होंने कहा कि अब गौहत्या जैसी घटनाओं पर भी सख्त कार्रवाई होती है और प्रदेश में हर बेटी को सुरक्षा मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी धन का दुरुपयोग होता था, लेकिन अब वही पैसा मंदिरों के विकास और जनहित के कार्यों में लगाया जा रहा है। उन्होंने बनैलिया मंदिर के कायाकल्प का भी जिक्र किया।

भारत-नेपाल के बीच ‘रोटी-बेटी’ का संबंध

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह करीब डेढ़ साल बाद भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में आए हैं। भारत और नेपाल दोनों मित्र देश हैं और दोनों के बीच रोटी-बेटी का संबंध है।

उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र होने के कारण यहां देश और दुनिया की नजर रहती है। सरकार इस इलाके में लगातार विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है और भविष्य में भी विकास की प्रक्रिया जारी रहेगी।

सांसद रहते आंदोलनों में शामिल होने का किया जिक्र

सीएम योगी ने कहा कि सांसद रहने के दौरान भी वह लगातार इस क्षेत्र में आते थे और क्षेत्र की समस्याओं को लेकर आंदोलनों में हिस्सा लेते थे।

उन्होंने कहा कि अब इंसेफेलाइटिस लगभग समाप्त हो चुका है और महराजगंज में मेडिकल कॉलेज भी संचालित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नौतनवा से आने-जाने में दो घंटे लगते थे, लेकिन सड़क निर्माण के बाद अब यह दूरी लगभग एक घंटे में तय हो रही है।

उन्होंने ठूठीबारी से जिला मुख्यालय तक की सड़क व्यवस्था का भी जिक्र करते हुए कहा कि पहले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब हालात तेजी से सुधर रहे हैं।

किसानों और वनटांगिया समुदाय का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हित में रोहिन बैराज का निर्माण कराया गया है, जिससे हजारों किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए बीज और सिंचाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

उन्होंने वनटांगिया समुदाय का जिक्र करते हुए कहा कि अब उन्हें सभी सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले गरीबों की समस्याएं नहीं सुनी जाती थीं, लेकिन डबल इंजन सरकार में हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है।

मंच पर मौजूद रहे कई मंत्री और विधायक

मुख्यमंत्री के साथ मंच पर आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु भी मौजूद रहे। इसके अलावा जिला अध्यक्ष संजय पांडे, पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह, नौतनवा विधायक ऋषि त्रिपाठी और सदर विधायक जयमंगल कनौजिया भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। कार्यक्रम स्थल को 7 जोन और 21 सेक्टर में बांटा गया था।

सुरक्षा व्यवस्था में एक अपर पुलिस अधीक्षक, 8 क्षेत्राधिकारी, 18 प्रभारी निरीक्षक, 14 निरीक्षक, 150 उपनिरीक्षक, 650 मुख्य आरक्षी और 60 महिला आरक्षी तैनात किए गए थे। इसके अलावा 18 फायर ब्रिगेड टीमें और पीएसी की दो कंपनियां भी ड्यूटी पर लगाई गई थीं।

भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक कार्यक्रम होने के कारण सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार सघन चेकिंग और तलाशी अभियान चलाया गया।

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