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क्या अटक जाएगी ईरान-US पीस डील? हिज्बुल्लाह और इजराइल की शर्त बनी वजह

क्या अटक जाएगी ईरान-us पीस डील? हिज्बुल्लाह और इजराइल की शर्त बनी वजह

लेबनान में युद्ध रोकने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है. ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह संगठन ने नए सीजफायर समझौते को मानने से इनकार कर दिया है. वहीं इजराइल ने साफ कर दिया है कि वह लेबनान से अपनी सेना नहीं हटाएगा और सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा. इससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लेबनान में शांति बहाल करने और ईरान के साथ समझौता कराने की कोशिशें मुश्किल में पड़ गई हैं.

ईरान पहले ही कह चुका है कि अमेरिका के साथ किसी भी शांति समझौते के लिए लेबनान में युद्धविराम जरूरी शर्त है. हाल के दिनों में ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि अगर इजराइल लेबनान पर हमले जारी रखता है तो वह सीधे इस संघर्ष में शामिल हो सकता है. हालांकि हिज्बुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने अमेरिका की मध्यस्थता में तैयार किए गए युद्धविराम समझौते को खारिज कर दिया.

बातचीत का हिस्सा नहीं था हिज्बुल्लाह

यह समझौता इजराइल और लेबनान सरकार के बीच हुआ था, लेकिन हिज्बुल्लाह इस बातचीत का हिस्सा नहीं था. इसलिए उसने इसे मानने से इनकार कर दिया. इस पर इजराइल और लेबनान सरकार की ओर से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. वॉशिंगटन में ट्रंप ने कहा कि लेबनान में शांति की दिशा में कुछ प्रगति हो रही है. उन्होंने कहा कि यह संघर्ष काफी लंबे समय से चल रहा है और लेबनान शांति का हकदार है.

हालांकि जमीन पर हालात अलग हैं. इजराइल लगातार दक्षिणी लेबनान में हवाई और सैन्य हमले कर रहा है. इजराइली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने कहा कि उनकी सेना लेबनान से पीछे नहीं हटेगी और न ही अपने अभियान रोकेगी. इजराइल ने मार्च में ईरान के साथ बढ़े संघर्ष के दौरान लेबनान में सैन्य कार्रवाई शुरू की थी.

ईरान ने इजराइल के सामने डिमांड रखी

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की कुद्स फोर्स के कमांडर ने कहा कि कम से कम इजराइल को उन इलाकों तक पीछे हटना चाहिए, जहां उसकी सेना युद्ध शुरू होने से पहले तैनात थी. इस बीच, अमेरिका की मध्यस्थता से बने युद्धविराम के बावजूद लेबनान, गाजा, उत्तरी इजराइल और कुवैत में हमले जारी हैं. ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि पूरी तरह शांति नहीं है, लेकिन पहले की तुलना में कम स्तर पर गोलीबारी हो रही है.

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