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Snake Village: न कर्नाटक, न तमिलनाडु, भारत में कहां है सांपों का गांव?

Snake village: न कर्नाटक, न तमिलनाडु, भारत में कहां है सांपों का गांव?

भारत वो देश है जहां सांपों को लेकर लोगों में हमेशा से ही दिलचस्पी रही है. हिन्दू धर्म में सांप को बहुत महत्व दिया गया है. जब भी इसकी बात होती है तो दक्षिण के राज्यों का जिक्र किया जाता है. सोशल मीडिया पर सांपों से जुड़े दक्षिण के राज्यों के वीडियो वायरल होते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि सांपों का सबसे बड़ा गढ़ न ताे तमिलनाडु में है और न ही कर्नाटक में. महाराष्ट्र का एक गांव सांपों का गढ़ कहा जाता है. उस गांव का नाम है शेतफाल. अब जानते हैं कि यह गांव कैसे बना सांपों का गढ़.

महाराष्ट्र का शेतफाल एक शांत गांव है. यहां के लोग सांपों से नहीं डरते क्योंकि वो उनकी जिंदगी का एक हिस्सा हैं. वो बचपन से ही सांपों के साथ रहना सीख जाते हैं. पीढ़ियों से चली आ रही मान्यताओं ने इंसान और सांपों के रिश्ते को इतना बदल दिया है कि जिनसे दुनिया डरती है वही सांप यहां के लोगों के लिए सामान्य से जीव हैं. यही परंपरा गांव की पहचान बन चुकी है.

शेतफाल कैसे बना सांपों का गढ़?

महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में स्थित शेतफाल गांव को भारत का सांपों का गांव कहा जाता है. यहां के घरों में सांपों के लिए खास जगह बनाई जाती है ताकि वो आराम से रह सकें. यहां के लोग सांपों को डर से नहीं, सम्मान की नजर से देखते हैं. अब सवाल है कि यह गांव सांपों का गढ़ कैसे बना.

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शेतफाल गांव की पहचान धार्मिक आस्थाओं और नाग पूजा की रही है. फोटो: Instagram

लम्बे समय से शेतफाल गांव की पहचान धार्मिक आस्थाओं और नाग पूजा की रही है. यहां के लोग कोबरा को पवित्र मानते हैं. घरों में उनके लिए अलग से जगहें बनाई जाती हैं. इन्हें घर पर रखना शुभ माना जाता है. पीढ़ियों से चली आ रहीं लोककथाएं और विश्वास गांव की संस्कृति का हिस्सा है.

गांव वालों का मानना है कि सांप और इंसान के बीच का आपसी सम्मान ही किसी तरह का नुकसान नहीं होने देता. इसे हमेशा से यहां बढ़ावा दिया गया. सांपों ने कभी खुद को यहां असुरक्षित नहीं महसूस किया. नतीजा, यहां इनकी संख्या बढ़ती गई.

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शेतफाल गांव की पहचान धार्मिक आस्थाओं और नाग पूजा की रही है. फोटो: Pexels

टूरिस्ट स्पॉट बन गया है गांव

अपनी इस खूबी के लिए पहचाना जाने वाला सांपों का गांव शेतफाल अब एक टूरिस्ट स्पॉट बन गया है. यहां पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें स्थानीय लोग सलाह भी देते हैं. जैसे- यात्री को गांव की परंपराओं और मान्यताओं का सम्मान करना चाहिए. सांपों को छूने या पकड़े से बचना चाहिए. स्थानीय स्तर पर दिए गए निर्देशों का पालन करना जरूरी है. बिना अनुमति से किसी की निजी जगहों पर प्रवेश न करें और वन्यजीवों को परेशान न करें.

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सांपों का गांव शेतफाल अब एक टूरिस्ट स्पॉट बन गया है. फोटो: Instagram

गर्मियों के मौसम में यहां बहुत ज्यादा गर्मी पड़ती है, इसलिए पर्यटकों को अक्टूबर से फरवरी के बीच यहां आने की सलाह दी जाती है. यहां का सिद्धेश्वर मंदिर, सोलापुर किला और गांव के प्राकृतिक इलाके पर्यटकों को आकर्षित करते हैं.यहां पहुंचने के लिए सोलापुर रेलवे स्टेशन सबसे करीब स्टेशन है. यहां से सड़क मार्ग से गांव तक पहुंचा जा सकता है और सबसे करीबी एयरपोर्ट पुणे में है. जो यहां से 200 किलोमीटर दूर है.

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