नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार में फेरबदल की अटकलें काफी तेज हो गई हैं। किसी भी दिन कैबिनेट विस्तार की खबर सामने आ सकती है। केंद्र में नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जा सकती है। भाजपा ने हाल के दिनों में कई राज्यों के लिए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान किया है। इसके बाद अब राज्यसभा चुनाव के लिए 11 नामों का ऐलान किया है। इन दोनों ही लिस्ट को देखकर यह स्पष्ट है कि चार मंत्रियों की छुट्टी तय हो चुकी है। दो को तो नई जिम्मेदारी मिल चुकी है। दो की नई भूमिका फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
आपको बता दें कि भाजपा ने कल विभिन्न राज्यों में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की। इस लिस्ट में दो केंद्रीय मंत्रियों का नाम शामिल नहीं किया गया है। उनमें केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन का नाम शामिल है। नरेंद्र मोदी कैबिनेट में इकलौते ईसाई मंत्री कुरियन मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं।
पंजाब कांग्रेस छोड़कर भगवा खेमे में आए केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को भाजपा ने राजस्थान से राज्यसभा सांसद बनाया था। दोनों ही मंत्रियों का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। इसके बावजूद भाजपा ने उन्हें मौका नहीं दिया है। इस घटना के बाद इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि कैबिनेट विस्तार में दोनों को ही अपना पद छोड़ना पड़ सकता है।
इससे पहले दो जूनियर मंत्रियों को पहले ही संगठन में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है। भाजपा पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश में पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं, हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली बीजेपी की कमान सौंपी गई है। भाजपा में एक व्यक्ति एक पद का नियम सख्ती से लागू किया जाता है। इसे देखते हुए यह साफ है कि आने वाले विस्तार में इन दोनों मंत्रियों को इस्तीफा देना होगा। उनकी जगह भाजपा नए चेहरे को मौका दे सकती है।
आपको बता दें कि संसद के नियम के मुताबिक, 21 जून को कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी इन मंत्रियों को अधिकतम 6 महीने में लोकसभा या राज्यसभा से चुनकर आना होगा। इस अवधि में वे मंत्री पद पर रह सकते हैं।

