• लाइव खबर अब तक न्यूज़

नौतनवा न्यूज़: एडवोकेट अंशुमान कुमार कन्नौजिया ने नौतनवा विधानसभा में आधुनिक अस्पताल की उठाई मांग

नौतनवा/महराजगंज (प्रशांत त्रिपाठी की रिपोर्ट): जिले के नौतनवा विधानसभा क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। लखनऊ हाईकोर्ट के अधिवक्ता अंशुमान कुमार कन्नौजिया ने उत्तर प्रदेश सरकार से नौतनवा क्षेत्र में एक आधुनिक और सुविधायुक्त सरकारी अस्पताल के निर्माण की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की बड़ी आबादी आज भी बेहतर इलाज की सुविधा से वंचित है।

एडवोकेट अंशुमान कुमार कन्नौजिया ने कहा कि नौतनवा क्षेत्र के अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टर, आधुनिक मशीनें, दवाइयां और गंभीर मरीजों के इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में मरीजों को इलाज के लिए गोरखपुर, लखनऊ और अन्य शहरों की ओर जाना पड़ता है, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक और मानसिक बोझ पड़ता है।

नेपाल सीमा क्षेत्र होने के बावजूद स्वास्थ्य व्यवस्था कमजोर-

उन्होंने कहा कि नौतनवा नेपाल सीमा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां लाखों लोग निवास करते हैं। इसके बावजूद यहां अब तक एक उच्च स्तरीय सरकारी अस्पताल की व्यवस्था नहीं हो सकी है।

अंशुमान कुमार कन्नौजिया ने कहा कि किसी भी बड़ी बीमारी, दुर्घटना या इमरजेंसी की स्थिति में लोगों को दूसरे शहरों की ओर भागना पड़ता है। इलाज में देरी और आर्थिक परेशानी का सबसे ज्यादा असर गरीब और जरूरतमंद परिवारों पर पड़ता है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र की आबादी और जरूरतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था आज भी बेहद कमजोर बनी हुई है।

उपमुख्यमंत्री से आधुनिक अस्पताल बनाने की मांग-

एडवोकेट अंशुमान कुमार कन्नौजिया ने जनहित में उत्तर प्रदेश सरकार और उपमुख्यमंत्री से नौतनवा विधानसभा क्षेत्र में जल्द से जल्द एक आधुनिक सरकारी अस्पताल बनवाने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा, विशेषज्ञ डॉक्टर, ICU और ट्रॉमा सेंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि गरीबों को बेहतर और निशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

यह केवल अस्पताल नहीं, लाखों लोगों के जीवन का सवाल-

अंशुमान कुमार कन्नौजिया ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा हर नागरिक का अधिकार है और सरकार को इस विषय पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक अस्पताल की मांग नहीं है, बल्कि लाखों लोगों के जीवन और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। जनहित में इस मांग को आवाज देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!