
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान यानी आईआईटी रुड़की (IIT Roorkee) पहले BTech डेटा साइंस एंड AI बैच पर जमकर नौकरियां बरसी हैं. एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि आईआईटी रुड़की के मेहता फैमिली स्कूल ऑफ डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने अपने बीटेक बैच में 100 प्रतिशत प्लेसमेंट हासिल किया है. इस प्लेसमेंट में शामिल हुए छात्रों को एआई, टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, एनालिटिक्स और रिसर्च-आधारित सेक्टर्स में अलग-अलग कंपनियों में नौकरी के ऑफर मिले हैं. ये प्लेसमेंट बताता है कि दुनियाभर में डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दबदबा किस तरह बढ़ता जा रहा है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, छात्रों को अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, गोल्डमैन सैक्स, क्वालकॉम, सेल्सफोर्स, सैमसंग रिसर्च, डेटब्रिक्स, बार्कलेज, वीजा और वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी समेत कई टॉप की कंपनियों में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, डेटा साइंस, मशीन लर्निंग रिसर्च, क्वांटिटेटिव फाइनेंस और प्रोडक्ट डेवलपमेंट से जुड़ी नौकरियां मिलीं. हालांकि इस प्लेसमेंट के नतीजे सिर्फ पहले बैच तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि अन्य बैचों के ग्रेजुएट छात्रों ने भी गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एडोब, गोल्डमैन सैक्स, सेल्सफोर्स, मास्टरकार्ड, सैमसंग, डेटब्रिक्स और एक्सपीडिया में इंटर्नशिप हासिल की.
आईआईटी रुड़की के डायरेक्टर प्रोफेसर के.के. पंत ने कहा, ‘यह पहला बैच ग्रेजुएट स्तर पर AI क्षमता विकसित करने के सुनियोजित प्रयास का परिणाम है. इस कोर्स के माध्यम से आईआईटी रुड़की ने पारंपरिक इंजीनियरिंग से आगे बढ़कर ऐसे प्रतिभाशाली छात्रों का ग्रुप तैयार करने का प्रयास किया है, जो वास्तविक दुनिया में एआई सिस्टम को डिजाइन करने और उसे विकसित करने में सक्षम हों’.
कैंडिडेट्स का डेटा हुआ था लीक
इस बीच जेईई एडवांस्ड 2026 के रिजल्ट जारी होने के कुछ दिनों बाद आईआईटी रुड़की ने अपने रिजल्ट पोर्टल पर मौजूद कैंडिडेट्स के रिकॉर्ड और एडमिट कार्ड डॉक्यूमेंट से संबंधित डेटा लीक की समस्या को स्वीकार किया है. संस्थान ने बताया कि यह समस्या क्लाउड स्टोरेज कॉन्फिगरेशन से संबंधित थी और इसको लेकर सुधारात्मक कार्रवाई की जा रही है.
सोशल मीडिया यूजर ने किया था दावा
यह मामला तब सामने आया, जब एक यूजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट किया कि जेईई एडवांस्ड (JEE Advanced) 2026 रिजल्ट सिस्टम से जुड़े एक पब्लिक क्लाउड स्टोरेज को इस तरह से कॉन्फिगर किया गया था कि बिना ऑथेंटिकेशन के एक्सेस मिल रहा था. पोस्ट के मुताबिक, लीक हुए स्टोरेज में लगभग 179,600 रिजल्ट रिकॉर्ड और लगभग 187,300 एडमिट कार्ड पीडीएफ मौजूद थे. कथित तौर पर एक साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर ने दावा किया कि डेटा में उम्मीदवारों के नाम, जन्मतिथि और उनके मोबाइल नंबर शामिल थे.
There have been several misleading and factually incorrect reports regarding data breach and privacy violations with respect to students who took JEE (Advanced) examination.
As per the clarification issued by @iitroorkee the Ministry reiterates that no sensitive information was https://t.co/hJyP6I3lm3
— Ministry of Education (@EduMinOfIndia) June 5, 2026
शिक्षा मंत्रालय ने क्या कहा?
शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि JEE (Advanced) परीक्षा देने वाले छात्रों के डेटा लीक और निजता के उल्लंघन को लेकर कुछ भ्रामक और गलत खबरें फैलाई जा रही हैं. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि Indian Institute of Technology Roorkee की ओर से जारी स्पष्टीकरण के अनुसार किसी भी छात्र की संवेदनशील जानकारी लीक नहीं हुई है. परीक्षा के नतीजे, नंबर और उम्मीदवारों से जुड़ी सभी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनमें किसी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है.
(इनपुट: कुमार कुंदन)
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