कोलकाता: पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ में बगैर तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार के गुरुवार को मतदान पूरा हो गया है। अब रविवार को नतीजों का ऐलान होने जा रहा है। खास बात है कि इस दौरान बड़ी संख्या में लोग वोट डालने पहुंचे थे। उन्होंने टीएमसी के बाहुबली नेता माने जाने वाले जहांगीर खान पर पूर्व में बूथ लूटने के भी आरोप लगाए हैं। हालांकि, फिलहाल मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और लेफ्ट के बीच माना जा रहा है। सीट पर कांग्रेस भी चुनावी मैदान में है।
जहांगीर खान ने नहीं डाला वोट
टेलीग्राफ के अनुसार, श्रीरामपुर पश्चिम दुर्गापुर प्राइमरी स्कूल में मतदान जारी था। खास बात है कि 29 अप्रैल को खान ने इस बूथ पर ही वोट डाला था, लेकिन 21 मई को वह नदारद रहे। हालांकि, खबर है कि उनकी पत्नी वोट डालने पहुंचीं थीं। इसके अलावा कहा जा रहा है कि क्षेत्र में टीएमसी के झंडे भी खास नजर नहीं आ रहे थे।
वोट चोरी के आरोप
अखबार से बातचीत में 50 वर्षीय गुलाम हुसैन बताते हैं, ‘हमें धमकियां दी जाती थीं कि अगर किसी और पार्टी को एक भी वोट मिला, तो हमें छोड़ा नहीं जाएगा। वहां पर एजेंट उनकी शर्ट में हिडन कैमरा लगाते थे, तो 29 अप्रैल को अपनी पसंद की पार्टी को वोट देने की हिम्मत नहीं हुआ।’ उन्होंने कहा, ‘आज मैंने जहांगीर को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भाजपा को वोट दिया है। हमें अब चिंता नहीं है, क्योंकि वह भाग गया है।’
नहीं लगाने दिए कैंप
भाजपा कार्यकर्ता रणजीत दलुई ने अखबार से कहा, ‘आज हम यहां बहादुरी से बैठे हुए हैं। पुष्पा गायब हो गया है। हमें पहले कैंप खोलने से रोकने वाली तृणमूल भी गायब हो गई है।’ वहीं, भाजपा पदाधिकारी सोमा घोष ने कहा कि फलता के लोगों ने गुरुवार को खुलकर मतदान किया।
हुई बंपर वोटिंग
पश्चिम बंगाल में दक्षिण 24 परगना जिले के फलता विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार को हुए पुनर्मतदान में करीब 88 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम छह बजे तक चला। चुनाव आयोग के अनुसार मतदान प्रतिशत 87.90 रहा और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। किसी भी इलाके से हिंसा या इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में छेड़छाड़ की कोई बड़ी शिकायत नहीं मिली।
29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के विधानसभा चुनाव के दौरान अनियमितताओं की अनेक शिकायतें मिलने के बाद आयोग ने फलता विधानसभा क्षेत्र में चुनाव रद्द कर दिया था और पुनर्मतदान की घोषणा की थी। उस दौरान विधानसभा क्षेत्र के कई हिस्सों से आरोप सामने आए थे कि EVM पर भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार का नाम और चुनाव चिन्ह टेप तथा अन्य सामग्री से ढंक दिया गया था, जिससे व्यापक विवाद पैदा हो गया था।

