• लाइव खबर अब तक न्यूज़

राज्यसभा चुनावः झारखंड से निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी का नामांकन वैध… कांग्रेस और सत्ता पक्ष के नेताओं ने काटा हंगामा

नई दिल्ली: झारखंड राज्यसभा चुनाव की दो सीटों के लिए नॉमिनेशन पेपर्स की जांच के बाद निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी का नामाकंन वैध पाया गया है. इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर उनकी उम्मीदवारी को मंजूरी दे दी. इससे पहले मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रत्याशी बैजनाथ राम और कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार प्रणव झा का नामांकन वैध पाया गया था. जबकि नामांकन पत्र में कथित तौर पर तीन बिंदुओं पर आपत्तियों के कारण उनके नामाकंन को होल्ड पर रखा था.

दरअसल, मंगलवार को कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा के प्रस्तावक नमन विकसल कोंगाडी ने परिमल नथवानी के नामांकन पर आपत्ति जताई थी. इसके बाद बुधवार को इस पर सुनवाई हुई और उसके पूरा होने पर रिटर्निंग ऑफिसर रंजीत कुमार ने नामांकन को वैध घोषित कर दिया. इसबीच, बुधवार को विधानसभा परिसर में कांग्रेस नेताओं और सत्ताधारी पार्टी के सदस्यों के बीच जबरदस्त हंगामा हुआ. यह विवाद तब और बढ़ गया जब रिटर्निंग ऑफिसर ने कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद को सुनवाई में शामिल होने की इजाजत नहीं दी, वे पार्टी का पक्ष रखने के लिए दिल्ली से आए थे.

रिटर्निंग ऑफिसर रंजीत कुमार राज्यसभा चुनाव के लिए नॉमिनेशन पेपर्स की जांच (स्क्रूटनी) के दौरान सुनवाई कर रहे थे. परिमल नाथवानी की तरफ से पेश हुए वकीलों ने सुबह करीब 11:00 बजे अपनी दलीलें रखनी शुरू कीं. नाथवानी द्वारा दिए गए जवाबों से रिटर्निंग ऑफिसर संतुष्ट हुए, जिसके बाद उनके नामांकन पत्र को वैध घोषित कर दिया गया. साथ ही कांग्रेस की ओर से उठाई गई आपत्तियों को भी खारिज कर दिया गया.

कांग्रेस नेता खुर्शीद को ऑफिसर ने नहीं दी इजाजत

इसी बीच, कांग्रेस के सीनियर नेता सलमान खुर्शीद, कांग्रेस विधायक प्रणव झा की तरफ से आपत्तियां उठाने और दलीलें पेश करने के लिए खास तौर पर दिल्ली से रांची आए थे. हालांकि खुर्शीद दोपहर करीब 12:40 बजे विधानसभा पहुंचे, लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें कार्यवाही के दौरान अपना पक्ष रखने की इजाजत नहीं दी. इस फैसले से कांग्रेस नेताओं और मंत्रियों में नाराजगी फैल गई.

विधानसभा परिसर में हंगामा

बताया जा रहा है कि रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले के बाद कांग्रेस नेताओं और मंत्रियों ने विधानसभा परिसर में जमकर हंगामा काटा. कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर पर गंभीर आरोप लगाए. कांग्रेस ने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर ने उनकी बात को सुना तक नहीं. जबकि वरिष्ठ कांग्रेस नेता और वकील सलमान खुर्शीद खुद दिल्ली से झारखंड इस मामले में दलील देने पहुंचे थे. ये एक तरह से तानाशाही है. सरकार अफसर अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं.

Source link

error: Content is protected !!