काठमांडू (आनन्द श्रीवास्तव)। नेपाल के लुम्बिनी प्रांत में नेपाल पुलिस ने मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो भारतीय नागरिक शामिल हैं, जिन्हें भारत-नेपाल सीमा के निकट रूपन्देही जिले में पकड़ा गया। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में नशे के रूप में दुरुपयोग की जाने वाली दवाएं भी बरामद की गई हैं।
आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार किए गए दोनों भारतीय नागरिकों की पहचान उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी अरुण कुमार (18 वर्ष) और बिनय पांडे (20 वर्ष) के रूप में की गई है। इनके अतिरिक्त इस मामले में एक नेपाली नागरिक बिशाल यादव को भी गिरफ्तार किया गया है। तीनों आरोपियों को भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के पास से पकड़ा गया।
छापेमारी में 3,300 से अधिक दवा शीशियां बरामद
नेपाल पुलिस द्वारा की गई छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से लगभग 3,300 दवा शीशियां बरामद की गई हैं। बरामद सामग्री में फेनरगन, डायजेपाम और ब्रूफेन जैसी दवाएं शामिल हैं। ये दवाएं चिकित्सीय उपयोग के लिए निर्मित हैं, परंतु इनका व्यापक रूप से नशे के रूप में दुरुपयोग किया जाता है। ये दवाएं सेवन करने वाले व्यक्ति में सुस्ती, चक्कर और गहरी नींद जैसे प्रभाव उत्पन्न करती हैं, जिस कारण इनकी मांग नशे के बाजार में लगातार बनी रहती है।
मोटरसाइकिल से होती थी सीमा पार तस्करी
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी भारत में पंजीकृत मोटरसाइकिल का उपयोग कर अंतरराष्ट्रीय सीमा पार तस्करी को अंजाम दे रहे थे। यह तरीका सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी से बचने के लिए अपनाया जाता रहा। यह मामला भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय एक व्यापक ड्रग तस्करी नेटवर्क की ओर स्पष्ट संकेत करता है।
जांच जारी, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश
नेपाल पुलिस ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच प्रारंभ कर दी गई है। अधिकारियों का प्रयास है कि इस तस्करी गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्ध सदस्यों और इस नेटवर्क की व्यापकता का पता लगाया जाए। फिलहाल तीनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

