लखनऊ (आनन्द श्रीवास्तव)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में कृषि विभाग की बैठक में प्रदेश के समस्त किसानों को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ने के लिए व्यापक और समयबद्ध कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी किसानों का पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए और इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।
ग्राम पंचायत स्तर पर लगेंगे विशेष शिविर
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में विशेष शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक किसान फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ सकें। इस पहल का उद्देश्य दूरदराज के किसानों तक भी पंजीकरण की प्रक्रिया को सुगम और सुलभ बनाना है, जिससे कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रह सके।
1 मई 2026 तक पोर्टल पूरी तरह क्रियाशील करने के आदेश
मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को निर्देशित किया कि अपनी समस्त योजनाओं को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ने के लिए आवश्यक तकनीकी व्यवस्था निर्धारित समयसीमा में तैयार की जाए। उन्होंने स्पष्ट आदेश दिया कि विभागीय पोर्टल को 01 मई 2026 तक पूरी तरह से क्रियाशील बना दिया जाए। यह समयसीमा योजना के प्रभावी और त्वरित क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित की गई है।
31 मई 2026 तक सभी संबंधित विभाग करें तैयारी पूर्ण
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता एवं लघु सिंचाई विभाग भी कृषि विभाग के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित करते हुए 31 मई 2026 तक अपनी समस्त तैयारियां पूर्ण कर लें। इसका उद्देश्य यह है कि प्रदेश के सभी कृषि संबंधित विभागों में एकसमान और एकीकृत व्यवस्था लागू हो सके, जिससे किसानों को एकल प्लेटफॉर्म पर समस्त सरकारी सेवाएं और योजनाओं का लाभ प्राप्त हो।
यह पहल प्रदेश सरकार की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाते हुए सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित किया जा सके।

