नौतनवा/महराजगंज (प्रशांत त्रिपाठी): नौतनवा तहसील क्षेत्र के नौतनवा और सोनौली थाना क्षेत्रों के सीमावर्ती इलाकों में अवैध मिट्टी खनन खुलेआम जारी है। खनन माफिया दिन और रात बिना किसी रोक-टोक के मिट्टी की खुदाई कर रहे हैं, जबकि प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी कार्रवाई का अभाव साफ दिखाई दे रहा है।

सूत्रों के अनुसार खेत समतलीकरण के नाम पर बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई की जा रही है और उसे ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। इस पूरे कार्य में किसी भी प्रकार का स्वीकृति पत्र या रॉयल्टी से संबंधित वैध दस्तावेज मौजूद नहीं हैं, इसके बावजूद खनन निर्बाध रूप से चल रहा है।

रात में बढ़ जाती है अवैध गतिविधि
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि दिन के समय दो से तीन मशीनें ही दिखाई देती हैं, लेकिन रात होते ही आधा दर्जन से अधिक मशीनें और जेसीबी लगाकर मिट्टी खनन किया जाता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि अवैध गतिविधियां सुनियोजित तरीके से अंजाम दी जा रही हैं।

कई गांव बन चुके हैं खनन का केंद्र
सबसे अधिक अवैध मिट्टी खनन भुंडी, सुंडी, खनुआ, बरगदही, हरदी डाली, शेख फरेंदा, गनवरिया, छपवा, लक्ष्मीनगर और बगहा क्षेत्रों में किया जा रहा है। इन इलाकों में खेतों की संरचना और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है।
राजस्व नुकसान पर प्रशासन मौन
अवैध मिट्टी खनन से सरकार को भारी राजस्व क्षति हो रही है, इसके बावजूद जिला खनन विभाग, तहसील प्रशासन और स्थानीय पुलिस इस पर प्रभावी नियंत्रण करने में विफल नजर आ रहे हैं। यहाँ तक कि अगर कोई सूचना देना भी चाहता है तो जिला खनन विभाग के अधिकारी, तहसील प्रशासन और पुलिस लोगो का फोन भी नहीं उठाते अधिकत्तर तो इन अधिकारियो के सरकारी नंबर स्विच ऑफ रहते है। सवाल यह उठता है कि आखिर किन कारणों से खनन माफिया इतने बेखौफ हैं और दिन-रात अवैध मिट्टी खनन जारी रखने का साहस कर रहे हैं।

