गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक बार फिर मियां वाला बयान दिया है। गोलाघाट में शुक्रवार को उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को स्पष्ट करना चाहिए कि वह असमिया लोगों के साथ है या मियां लोगों के साथ, क्योंकि पहले वे केवल धुबरी तक सीमित थे लेकिन अब धुबुलियाजान तक पहुंच गए हैं, जिससे असमिया लोगों का रहना कैसे संभव होगा।
हिमंत सरमा ने आरोप लगाया कि मियां लोगों ने 10 लाख एकड़ भूमि पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के दो मुख्य सलाहकार हर्ष मंदर और अमानुद्दीन हैं, जिन्होंने एक किताब प्रकाशित की है। इसमें दावा किया गया है कि मियां लोग असम में सबसे पहले आए थे। साथ ही, मेघालय में हुए खदान हादसे पर उन्होंने कहा कि उनका मुख्य सचिव मेघालय के साथ संपर्क में है।
गौरव गोगोई के पाकिस्तान से संबंध का आरोप
हिमंत सरमा ने बुधवार को दावा किया कि गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों की जांच में भारत को कमजोर करने की एक वैश्विक साजिश का अब तक केवल एक प्रतिशत हिस्सा ही सामने आया है। उन्होंने ने कहा कि असम पुलिस किसी एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे तंत्र के खिलाफ जांच कर रही है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया था कि गोगोई और उनकी ब्रिटिश पत्नी के पाकिस्तान से सीधे संबंध हैं। उन्होंने कहा, “यह एक बेहद संवेदनशील जांच है। इसे केवल असम की राजनीतिक दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। यह एक वैश्विक साजिश है।”
असम में SIR पर क्या बोले
सीएम सरमा ने आगे कहा, “यह मत समझिए कि यह जांच किसी एक व्यक्ति के खिलाफ है, यह एक पूरे तंत्र के खिलाफ है। हमने जो कुछ किया है, वह सिर्फ एक प्रतिशत है, क्योंकि हम इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, भारत सरकार से जुड़ा डेटा जुटा नहीं सके और न ही इंटरपोल का सहयोग ले पाए।” उन्होंने कहा कि राज्य में SIR प्रक्रिया जब भी होगी, बहुत व्यापक और पूरी तरह से सही तरीके से होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में एसआईआर कराया जाएगा। फिलहाल असम में मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण (एसआर) जारी है। उन्होंने कहा, “यहां एसआईआर बहुत व्यापक और सही तरीके से किया जाएगा। मैंने निर्वाचन आयोग से अब भी एसआईआर कराने का अनुरोध किया था, लेकिन राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) का प्रकाशन न होने के कारण आयोग ने एसआर कराया।”

