एंटी करप्शन टीम के आगे फेल हो गया दरोगा प्रिया सिंह और सिपाही का प्लान, 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

गाजियाबाद: यूपी के गाजियाबाद के मुरादनगर थाने में तैनात महिला दरोगा और सिपाही ने एक बार फिर खाकी को दाग लगा दिया है। महिला दारोगा और सिपाही ने मिलकर मोटी कमाई करने का प्लान बनाया था, लेकिन उनका ये प्लान फेल हो गया और उनकी ये प्लानिंग मेरठ एंटी करप्शन टीम की मुस्तैदी के आगे नहीं चली। शिकायत मिलने पर टीम ने दोनों को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। 

जानिए पूरा मामला 
जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला पारिवारिक विवाद से शुरू हुआ था। मेरठ सदर तहसील में तैनात लेखपाल रजनीश के खिलाफ उसकी पत्नी ने ये केस दर्ज कराया था। पत्नी ने उस पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया था। जिस वजह से उसे जेल भी जाना पड़ा था। इस केस की विवेचना मुरादनगर थाने की पिंक बूथ प्रभारी दरोगा प्रिया सिंह कर रही थीं। 

महिला दारोगा करने लगी सौदेबाजी 
आरोप है कि इस मामले में महिला दारोगा रजनीश को डराने लगी और फिर उससे सौदेबाजी शुरू की। दरोगा ने रजनीश के सामने दो शर्तें रखीं। पहली मुकदमे से रजनीश के बुजुर्ग माता-पिता का नाम हटाना औऱ दूसरा केस में अन्य गंभीर धाराएं न बढ़ाना। इसके लिए उसने 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। लेकिन, बाद में ये पूरा मामला 50000 रुपये में तय हुआ। 

सिपाही ने निभाई बिचौलिए की भूमिका
सिपाही ने इस पूरे मामले में दारोगा का साथ दिया और पूरी डीलिंग में बिचौलिए की भूमिका निभाई। दारोगा की धमकियों और मांगों से तंग आकर लेखपाल रजनीश ने मेरठ एंटी करप्शन टीम से शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद टीम ने दारोगा और सिपाही को रंगेहाथ पकड़ने का प्लान बनाया। शुक्रवार को जैसे ही रजनीश ने मुरादनगर थाने के अंदर दरोगा प्रिया सिंह और सिपाही शाहिद को 50 हजार रुपये कैश थमाया, पहले से घात लगाकर बैठी एंटी करप्शन टीम ने दोनों को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को मोदीनगर थाने लाया गया, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। 

 

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