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फ्रांस में G7 समिट, बॉर्डर पर 4,000 सैनिक क्यों उतार रहा है स्विट्जरलैंड?

फ्रांस में g7 समिट, बॉर्डर पर 4,000 सैनिक क्यों उतार रहा है स्विट्जरलैंड?

फ्रांस 15 से 17 जून के बीच G7 समिट की मेजबानी करने जा रहा है. यह सम्मेलन फ्रांस के एवियन-ले-बैं (Evian-les-Bains) शहर में होगा, जो जिनेवा झील के किनारे और स्विट्जरलैंड की सीमा के बेहद करीब स्थित है. इसी वजह से स्विट्जरलैंड ने अपनी सीमा के अंदर करीब 4,000 सैनिक तैनात करने का फैसला किया है.

स्विस आर्मी ने बताया कि सम्मेलन के दौरान दुनिया के कई बड़े नेता, अधिकारी और डेलिगेशन इस क्षेत्र में मौजूद रहेंगे. ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है. इसके अलावा अधिकारियों को प्रदर्शन और विरोध-प्रदर्शनों की भी आशंका है. इसलिए सेना को सुरक्षा अभियान में शामिल किया गया है. स्विट्जरलैंड के वॉद (Vaud), जिनेवा और वैले (Valais) कैंटन सीधे इस आयोजन से प्रभावित होंगे.

सैनिकों को कौन सी जिम्मेदारी मिली?

स्विस सरकार और संसद ने मिलकर फैसला किया है कि सेना स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की मदद करेगी. तैनात किए जाने वाले 4,000 सैनिक कई अहम जिम्मेदारियां संभालेंगे. इनमें जिनेवा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा, सीमा क्षेत्रों की निगरानी, प्रमुख सड़क-रेल मार्गों की सुरक्षा और जिनेवा झील पर नजर रखना शामिल है. सैनिक अहम सरकारी और पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा भी करेंगे.

स्विट्जरलैंड की एयरफोर्स भी इस दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करेगी. 10 जून से 19 जून तक कुछ इलाकों में हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे. वायुसेना ड्रोन हमलों से सुरक्षा के लिए विशेष काउंटर-ड्रोन सिस्टम भी तैनात करेगी. इसके अलावा परमाणु, जैविक और रासायनिक खतरों से निपटने के लिए भी स्पेशल सिक्योरिटी अरेंजमेंट किया गया है.

7 साल बाद फ्रांस में G7 समिट

यह G7 का 52वां शिखर सम्मेलन होगा. इससे पहले फ्रांस ने 2019 में बियारित्ज में G7 की मेजबानी की थी. वहीं एवियन-ले-बैं ने 2003 में G8 सम्मेलन की मेजबानी की थी. करीब 23 साल बाद यह शहर फिर वैश्विक कूटनीति का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है.

G7 दुनिया की सात विकसित अर्थव्यवस्थाओं का समूह है. इसमें अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, इटली, जापान और कनाडा शामिल हैं. यूरोपीय संघ (EU) भी इस समूह की बैठकों में हिस्सा लेता है. यह मंच दुनिया की आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़ी बड़ी चुनौतियों पर चर्चा के लिए बनाया गया है.

समिट में PM मोदी भी शामिल होंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी फ्रांस के निमंत्रण पर G7 समिट में शामिल होंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शामिल होंगे. उन्होंने कहा है कि व्हाइट हाउस में होने वाले UFC चैंपियनशिप कार्यक्रम के बाद वह सीधे फ्रांस जाएंगे. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की भी स्पेशल गेस्ट के तौर पर शामिल होने वाले हैं. समिट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भी प्रमुख विषय रहेगा. OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन समेत टेक्नोलॉजी क्षेत्र की कई बड़ी हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है.

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